जब देश के युवाओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं के नतीजे मांगे, paper leak पर जवाबदेही चाही, और ईमानदारी से चुकाए गए टैक्स का हिसाब मांगा—तो व्यवस्था में बैठे पुराने नेताओं ने उन्हें "पैरासाइट" (परजीवी) करार दे दिया। हम इस शब्द को वापस छीनते हैं। यह मंच आपका है, आपकी राय अब खारिज नहीं होगी!
फाइलें चबाती हुई ब्यूरोक्रेसी की सार्कास्टिक लाइफस्टाइल
जब देश के लाखों छात्रों का भविष्य पेपर लीक माफियाओं की कोठियों और तिजोरियों में नीलाम हो जाता है, तो उनके पास दो ही रास्ते बचते हैं—या तो वे शांत हो जाएं या फिर इस बहरे तंत्र के खिलाफ विद्रोह का बिगुल फूंकें।
यह वेबसाइट सिर्फ एक व्यंग्य नहीं है, यह एक आईना है उन भ्रष्ट नौकरशाहों और नेताओं के लिए जो वातानुकूलित कमरों में बैठकर युवाओं के आक्रोश को "मुफ़्तखोरी" या "फ्रीबीज" का नाम देते हैं।
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